व्रत एवं उपवास प्रदोष व्रत

प्रदोष व्रत

New Delhi, NCT, India

प्रदोष व्रत तिथि

प्रदोष व्रत जिसे प्रदोषम के नाम से भी जाना जाता है, सबसे प्रसिद्ध हिंदू व्रतों में से एक है। यह भगवान शिव और देवी पार्वती को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए मनाया जाता है।

लोग इस व्रत का पालन सुख, आध्यात्मिकता और अच्छे स्वास्थ्य के लिए करते हैं। प्रदोष काल का समय आमतौर पर ‘संध्याकाल’ या सांझ के समय होता है।

वर्ष 2026 में प्रदोष व्रत की तिथियां

महीना दिनांक दिन व्रत का नाम तिथि का समय

जनवरी

01 जनवरी, 2026

गुरुवार

प्रदोष व्रत (शु)

पंचांग चेक करें

जनवरी

16 जनवरी, 2026

शुक्रवार

प्रदोष व्रत (कृ)

पंचांग चेक करें

जनवरी

31 जनवरी, 2026

शनिवार

शनि प्रदोष व्रत (शु)

पंचांग चेक करें

फरवरी

15 फरवरी, 2026

रविवार

प्रदोष व्रत (कृ)

पंचांग चेक करें

मार्च

01 मार्च, 2026

रविवार

प्रदोष व्रत (शु)

पंचांग चेक करें

मार्च

17 मार्च, 2026

मंगलवार

भौम प्रदोष व्रत (कृ)

पंचांग चेक करें

मार्च

31 मार्च, 2026

मंगलवार

भौम प्रदोष व्रत (शु)

पंचांग चेक करें

अप्रैल

15 अप्रैल, 2026

बुधवार

प्रदोष व्रत (कृ)

पंचांग चेक करें

अप्रैल

29 अप्रैल, 2026

बुधवार

प्रदोष व्रत (शु)

पंचांग चेक करें

मई

15 मई, 2026

शुक्रवार

प्रदोष व्रत (कृ)

पंचांग चेक करें

मई

29 मई, 2026

शुक्रवार

प्रदोष व्रत (शु)

पंचांग चेक करें

जून

13 जून, 2026

शनिवार

शनि प्रदोष व्रत (कृ)

पंचांग चेक करें

जून

27 जून, 2026

शनिवार

शनि प्रदोष व्रत (शु)

पंचांग चेक करें

जुलाई

12 जुलाई, 2026

रविवार

प्रदोष व्रत (कृ)

पंचांग चेक करें

जुलाई

27 जुलाई, 2026

सोमवार

सोमा प्रदोष व्रत (शु)

पंचांग चेक करें

अगस्त

10 अगस्त, 2026

सोमवार

सोमा प्रदोष व्रत (कृ)

पंचांग चेक करें

अगस्त

26 अगस्त, 2026

बुधवार

प्रदोष व्रत (शु)

पंचांग चेक करें

सितम्बर

09 सितम्बर, 2026

बुधवार

प्रदोष व्रत (कृ)

पंचांग चेक करें

सितम्बर

24 सितम्बर, 2026

गुरुवार

प्रदोष व्रत (शु)

पंचांग चेक करें

अक्तूबर

08 अक्तूबर, 2026

गुरुवार

प्रदोष व्रत (कृ)

पंचांग चेक करें

अक्तूबर

24 अक्तूबर, 2026

शनिवार

शनि प्रदोष व्रत (शु)

पंचांग चेक करें

नवम्बर

07 नवम्बर, 2026

शनिवार

शनि प्रदोष व्रत (कृ)

पंचांग चेक करें

नवम्बर

22 नवम्बर, 2026

रविवार

प्रदोष व्रत (शु)

पंचांग चेक करें

दिसम्बर

06 दिसम्बर, 2026

रविवार

प्रदोष व्रत (कृ)

पंचांग चेक करें

दिसम्बर

22 दिसम्बर, 2026

मंगलवार

भौम प्रदोष व्रत (शु)

पंचांग चेक करें

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प्रदोष व्रत का अर्थ

हिंदी में, प्रदोष व्रत का अर्थ है, वह जो रात के शुरूआती चरण में मनाया जाता है। भक्त इस व्रत का पालन भगवान शिव और देवी पार्वती का आशीर्वाद पाने के लिए करते हैं।

प्रदोष व्रत हिंदू तिथि

त्रयोदशी या किसी हिंदू महीने के तेरहवें दिन को प्रदोष व्रत तिथि माना जाता है। किसी भी हिंदू महीने में प्रदोष व्रत के दो दिन या दो तिथियां पड़ती हैं। एक शुक्ल पक्ष में और दूसरी कृष्ण पक्ष में।

प्रदोष व्रत का महत्व

प्रदोष व्रत को एक अत्यधिक शुभ और महत्वपूर्ण व्रत माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि यदि आप प्रदोष काल के दौरान भगवान शिव की पूजा करते हैं, तो आप सभी तरह के पापों से मुक्ति पा सकते हैं और आपको मोक्ष प्राप्त करने में मदद मिलती है।

प्रदोष व्रत का अधिकतम लाभ पाने के लिए भगवान शिव की पूजा करने के लिए सही समय अवश्य देखना चाहिए।

अलग-अलग दिनों में प्रदोष व्रत करने के फायदे

  • रविवार के दिन व्रत करने से दीर्घायु और अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त होता है।
  • सोमवार का व्रत करने से आपकी सभी प्रार्थनाओं का लाभ मिलेगा।
  • मंगलवार का व्रत करने से रोगों और बीमारियों से मुक्ति मिलती है।
  • बुधवार का व्रत करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।
  • गुरुवार का व्रत करने से सभी बुरी शक्तियां समाप्त हो जाती हैं।
  • शुक्रवार का व्रत आपको सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद देता है।
  • शनिवार का व्रत करने से संतान की प्राप्ति होती है।

हिंदू कैलेंडर के अनुसार प्रदोष व्रत पूजा करने का सबसे अच्छा समय

हिंदू परंपराओं के अनुसार त्रयोदशी तिथि में सूर्यास्त के बाद प्रदोष व्रत पूजा करने का सबसे अच्छा समय माना जाता है।